बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे सिखाएं? इन 10 तरीकों से बनाएं बच्चों को संस्कारी

जिस युग में आप जीवन यापन कर रहे हैं उसी से आप अंदाजा लगा सकतें हैं की बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है लेकिन संस्कार नही दिया जा रहा है जाने बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे दें? जाने छोटे बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे सिखाएं?

जैसा की आपको पता है इस मंच पर आपको हर प्रकार की जानकारियाँ दिया जाता है उसी तर्ज पर आपको आज बच्चों को संस्कार सिखाने की तरीका बताने वाला हुँ। तो बने रहें हमारे साथ

 

छोटे बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे सिखाएं? कई बार अपने घर या बाहर में लोगों को से कहते सुना होगा की अपने बच्चों को क्या संस्कार सिखाया है। वह ऐसा इसीलिए क्योंकी हमारी समाज में पढ़ाई के साथ एक अच्छे आदतों की भी बहुत ज्यादा जरूरत होती है ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है की बच्चों को अच्छे आदत और संस्कार कैसे सिखाएं? Bachchon ko achche sanskar kaise sikhayen?

 

 

बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे सिखाएं?

कई बार आपने देखा होगा की आपके बच्चे जहाँ गलती नही करना चाहिए वही पर अपनी हरकतें दिखा जाते हैं यह सब से बचने के लिए उन्हे अच्छे आदत सिखाने की जरूरत है। अच्छे संस्कार सिखाने के लिए अपने बच्चों को अच्छी बातों से परिचय कराएं और हमेशा उन्हे अच्छी कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें बड़े लोगों से किस प्रकार बात करनी है यह जरूर सिखाएं।

ऐसे सिखाएं बच्चों को अच्छे संस्कार

1. अच्छे-बुरे से परिचय कराएं

बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए अपने बच्चों को यह बताएं की क्या बुरे होते हैं और क्या अच्छे जिससे की वह इनमे फर्क समझ पाएं। उन्हे हमेशा अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करें जिनसे की उनका भी पहचान अच्छे लोगों में हो सके।

 

2. बड़े लोगों से बातचीत करना सिखाएं

बच्चे तो बच्चे होते है उन्हे कैसे यह पता होगा की किस व्यक्ति से किस प्रकार से बात करनी है उनके लिए सभी समान हो सकतें हैं इनमे फर्क समझाना आपका काम है। बच्चों को बताएं की बड़ों से बाते करते वक्त उनमे एक उनके लिए इज्जत बनाएं रखना है और उन्हे उनके नाम से सम्बोधित नही करना है। इसके जगह पर रिश्ते के अनुसार उन्हे बुला सकते हैं।

अगर जरूरत ना हो तो बड़ों का नाम ना ही पुछा जाए तो अच्छी बात है लेकिन अगर जरूरत है तो एक बेहद नर्मी शब्द में उन्के नाम पुछा जा सकता है। जिसके बाद उन्हे धन्यवाद जरूर कहें।

 

3. अपने घर के बुजुर्गो का ख्याल रखें

यह सबसे महत्त्वपूर्ण टॉपिक है बच्चे जो भी सीखते हैं वह आपसे ही सीखते हैं इसके लिए आप भी उनके सामने एक नेक व्यक्ति के रूप में अपनी छवि बनाएं रखें अपने घर की बुजुर्गों को ख्याल रखें और उनसे हर वक्त नर्मी से बात करें उनके सुख-दुख का हाल लेते रहें और अपने बच्चे को भी ऐसा करने के लिए कहें जिनसे की वह भी सेवा करना सीख सकें।

 

4. मन्दिर ले जाया करें

आप जब भी मन्दिर जाएं अपने बच्चों को साथ में जरूर ले जाया करें। इससे बच्चों के उपर सकारत्मक प्रभाव पड़ेगा। खासकर वैसे जगह जरूर जाएं जहाँ भजन सत्यसंग होता हो और बच्चे को भी सुनने और समझने की प्रयास करें उनके मतलब और अर्थ आप समझाते रहें जिनसे की उनके मन में एक सेवा का भाव उत्पन्न हो।

 

5. बच्चों को दया और प्रेम का भाव का गुन बताएँ

कोई भी व्यक्ति गलत कार्य कब करता है जब उसके मन में दया और प्रेम की भाव नही होती है। बच्चे आगे जाकर अच्छे इन्सान बन सके इसके लिए उनके मन में दया और प्रेम होना बेहद अनिवार्य है जिससे की कोई भी मनुष्य या प्राणी का जीवन में दुख ना पहुंचा सकें और असहाय लोगों को मदद कर सकें।

 

6. पशु-पक्षियों को सेवा करना सिखाएं

बच्चों को जिस प्रकार मनुष्य के लिए जागरुक और सेवा भाव रखने की आवश्यकता है उसी प्रकार से पशु-पक्षियों को भी सेवा किया जाना चाहिए क्योंकि वे भी एक हमारे जीवन का अंग होते हैं। बच्चों से इन्हे चारा खिलाना और इनके साथ में खेलना और इन्हे किस प्रकार से खुश रखा जाता है यह गुन जरूर सिखायें।

 

 

7. अच्छी कहानियाँ सुनाएं

जब बच्चों को संस्कार सिखाने की बात हो तो उन्हे अच्छे यानी की राजाओं की कहानियाँ सुना सकतें हैं। जिनसे को उन्हे अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दिया जा सके। बहुत से बच्चे ऐसे भी होते हैं जो अपने दादी या नानी के द्वारा भी कहानियाँ सुना करते हैं लेकिन अब वह वक्त नही रहा क्योंकि अब बच्चे और यह दूनियाँ डिजिटल युग की ओर बढ़ चला है जिसका परिणामस्वरुप बच्चे अपने दादी नानी से दूर हो रहें हैं।

बच्चों को मोटीवेशन वाली कहानियाँ सुनने और देखने के लिए जागरुक करें।

8. उदंड बच्चों से दूर रखें

अगर बात आती है अच्छे संस्कार की तो बच्चों को एक अच्छी माहौल में रखना भी बेहद अनिवार्य हो जाता है इसके लिए अपने बच्चे के ऊपर यह नजर रखें की उनका दोस्ती किस प्रकार के बच्चों से है कहिं यह उदंड लड़के के संग तो नही रह रहा अगर ऐसे है तो उन्हे समझाने की जरूरत है और उन्हे यह बताएं की ऐसा करना उनके लिए अच्छा नही है।

9. नैतिकता से परिचय कराएं

नैतिकता मतलब यह की अपने निजी जीवन को किस प्रकार से सुव्यवस्थित कर सके यह आदत जरूर सिखाएं इसके साथ उन्हे बोलने की अच्छी कला आनी चाहिए।
किसी से बात करते वक्त किस प्रकार से अच्छे शब्दों का उच्चारण करना भी आना चाहिए।

 

10. लोगों के साथ उठना-बैठना सिखाएं

अपने बच्चों को बाहर ले जाते वक्त यह खास ध्यान रखकर सिखायें की बाकी लोगों के साथ किस प्रकार उठना बैठना चाहिए।
अन्य लोगों के साथ समूह में बैठे हुए हो तो उन्हे ज्यादा बात नही करना चाहिए और जब उनसे पुछा जाए या बोलने के लिए कहने पर जरूरत के अनुसार ही जबाव या उत्तर देनी चाहिए।

 

बच्चों को संस्कारी कैसे बनाएं?

अपने बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए उन्हे अच्छे बातों को सिखायें और उन्हे अच्छी आदतों या कार्य करने के लिए कहे जिनसे की लोगों को भला हो वैसा काम करने से उन्हे एकदम रोके जिनसे किसी को नुक्सान या आत्मसम्मान पर ठेस पहुंचे हमेशा सभी से अच्छे से बाते करना सिखाएं ऐसे बच्चे संस्कारी होते हैं।

 

आशा है की आपको यह पोस्ट काफी अच्छा लगा होगा जिसमे जाना की बच्चों को अच्छी संस्कार कैसे सिखाएं? और इनमे बताए गए तरीके को आप जरूर पालन करें जिनसे की आपके बच्चे भी संस्कारी बन सकें। इसी प्रकार के उपयोगी टॉपिक की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे साथ ऐसे ही बने रहें। इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें।

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