छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने की 25 नए तरीके 2024

छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने की नए तरीके
छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने की 25 नए तरीके

बच्चों को कैसे पढ़ाएं? सभी माता पिता अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। जिससे बच्चें सफल हो सकें, चलिए जानते हैं बच्चों को कैसे पढ़ाएं?, आज इसी समस्या की हल लेकर हाजिर हैं, और जानेंगे घर पर छोटे बच्चों को पढ़ाने का तरीका जिसके बाद अपने छोटे बच्चों को भी पढ़ा पाएंगे।

हर बच्चों को पढ़ना उनके भविष्य के लिए बहुत ही जरूरी होता है और यह एक माता-पिता के लिए चिंता का विषय बना रहता है की उनके बच्चे पढ़ पाएंगे की नहीं? अगर नहीं पढ़ेंगे तो उनका आगे का भविष्य का क्या होगा। और इसी सब के कारण बच्चे के माता-पिता उन्हें एक अच्छे स्कूल में नामांकन भी करा देते हैं ताकी उनके बच्चे पढ़े लेकिन होता यह है की कई बार बच्चे स्कूल तो जाते हैं मगर वह ठीक से पढाई नहीं करते हैं और स्कूल में होनेवाले एग्जाम या मासिक टेस्ट में बहुत काम नंबर लाते हैं उसके बाद माता-पिता को ऐसा लगने लगता है की हमारे बच्चे पढ़ाई में कमजोर है।

मगर ऐसा बात नहीं हैं बस जरूरत है उन्हें एक अच्छे मार्गदर्शन का जिसके बाद अच्छी से पढ़ सकेंगे। तो आइए जानते हैं छोटे बच्चों को पढ़ाने के तरीके. Bacchon ko padhane ke aasan tarike, ऐसे बहुत से Baccho ko padhane ka tarika hindi हैं जिन्हें अपनाकर आप भी अपने बच्चों को पढ़ा सकेंगे।

Contents hide
1 छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? Bacho Ko Kaise Padhaye-

छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? Bacho Ko Kaise Padhaye-

छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने से पहले जाने की बच्चें कुछ सीखना चाहतें हैं और वह अभी बिलकुल इस दुनिया में नए हैं, तो इस में उनसे ज्यादा कुछ जानने की उम्मीद न रखें, बल्कि उन्हें वह छोटी से छोटी बातों को सिखने का प्रेरित करें जो वह अभी नहीं जानते हों। इस तरह से पढ़ना सीख जाएंगे। चलिए आगे विशेष रूप से जानते हैं कि छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं?

 

ये हैं छोटे बच्चों को पढ़ाने का तरीका

1. बच्चों को दोस्त बनाएं

बच्चों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होता है की वह अपने माता-पिता या घर के बड़े लोगों से डरते हैं, ऐसे में उनके साथ एक दोस्त के जैसा व्यवहार करें। उनके हर सवालों को एक मित्र की भांति ही पुछा करें।

 

2. बच्चों को पढ़ाई में मदद करें

रोज बच्चों के होम वर्क बनाने में मदद करें और उनसे पूछे की उनकी कोई ऐसा विषय है जिनमें उन्हें समझ में ना आता हो वह समझाएं। जिससे उनके पास ज्यादा सवालों को लेकर तनाव उत्पन्न ना हो।

 

3. पढ़ाई की महत्व को बताएं

बच्चों को यह समझाएं की पढ़ना उनके लिए बहुत ही जरूरी हैं। और बच्चों के पढ़ाई के फायदे का बारे में समझाएं। बच्चों को कहानी या कोई ऐसा कुछ सुनाएं जिनसे की उन्हें पढ़ाई की और उनका रुझान बढ़े।

 

4.माहौल का ध्यान रखें

बच्चें हो या बड़े सभी को पढ़ाई करने के लिए अच्छे माहौल की अवश्यकता होती है और उन्हें अच्छी पढ़ाई करने में मदद मिलता है ऐसे में आप बच्चों को पढ़ाते वक्त माहौल का खास ध्यान रखें और पढ़ने वाले स्थान पर किसी भी प्रकार की कोई यंत्र चालू ना रखें मोबाइल, टीवी ये सब दूर रखें हो सके तो इस समय बंद कर के रख दें।

छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाते वक्त आपको यह लग सकता है की बच्चें पढ़ने में पूरी ध्यान दें रहे हैं लेकीन ऐसा कई बार होता नही है उनका ध्यान टीवी पर चल रहें प्रोग्राम के ऊपर हो सकता है या वह इस वक्त खेलने के बारे में सोच भी रहे होते हैं। तो अभिभावक को ऐसे बातों पर ध्यान देना चाहिए।

 

5. किताबों से कराएं दोस्ती

सबसे पहले उन्हें किताबें पढ़ना सिखाएं ताकि वह खुद से भी कुछ पढ़ सकें। और उनके सब्जेक्ट से अलग किताबें भी पढ़ने को दे ज्यादा बच्चे रंगीन और चित्रों से भरी हुई किताबों को पसंद करते हैं तो उन्हें उसी प्रकार के किताबें लाकर दें।

 

6. बच्चे को रोज नया सिखाएं

जब बच्चें को पढ़ाते हैं तो उन्हें किसी भी विषय को पढ़ाने से बेहतर है की उन्हे नए नए तरीके सिखाया जाए जिससे उन्हे पढ़ने के लिए रुचि पैदा हो और वे लगातार पढ़ने के लिए कोशिश करता रहे।

तरह तरह की fundamentals की जानकारी दे और साथ ही देश दुनियां में चल रहे नई गतिविधी का जानकारी देते रहें।

 

7. बच्चे को लिखना सिखाएं

बच्चों को पढ़ाते वक्त यह ध्यान रखें की उन्हें लिखने को ज्यादा कहें अगर आपके बच्चे को अभी ठीक से लिखना नहीं आता तो उन्हें लिखने को सिखाएं नहीं तो उन्हें पेंसिल से ड्राइंग बनाने को दें।

 

8. पढ़ाई का दबाव न बनाएं

अपने बच्चों को कभी भी पढ़ाई का दबाव न बनाए और उनके ही मन मुताबिक पढ़ने को कहें, और पढ़ने के लिए जबरदस्ती ना करें, जब भी बच्चों के साथ बैठे उनसे प्यार से प्रश्न पूछें, और उनके जबाव की जबरदस्ती ना करें।

 

9. बच्चे की पढ़ने की तरीके को समझे

बच्चे की पढ़ने की तरीके को समझे और उन्हें जैसा ही करने दे क्योंकि सभी लोगों की पढ़ने और लिखने का तरीका अलग अलग हो सकता है।

 

10. बच्चे को पढ़ाने के लिए सही समय का चुनाव करें

बच्चों को पढ़ाने के लिए सही समय की चयन करना आवश्यक है ऐसा ना हो की आप अपना मन से बच्चें को पढ़ने के लिए बैठने के लिए कह दें। या ऐसा भी नहीं होनी चाहिए की जब आपके पास समय उपलब्ध हो तो उस समय बच्चें की पढ़ाने के लिए समय का चुनाव कर रहे हैं तो आप गलती कर रहे हैं।

बच्चें को पढ़ाने के लिए समय का चुनाव करते समय बच्चें की मन की ओह ख्याल रखें और उनसे यह साझा करें की उन्हे कब ज्यादा पढ़ने का मन करता है और वे कब पढ़ना चाहते हैं उसी वक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए समय का चुनाव करें।

ऐसा ना हो की जब बच्चें को पढ़ने के लिए बैठा रहें हैं उस वक्त बच्चें का कोई मनपसंद शो आ रहा हो या वह उस वक्त अपने दोस्तों के संग खेलने के लिए जाता हो अगर इस वक्त बच्चों को पढ़ाते हैं तो यह पक्का है कुछ दिनों तक बच्चें को पढ़ाई में जरा भी मन नहीं लगने वाला है।
बच्चे की इतना समझ नहीं होते हैं की वे खुद से ही पढ़ने के लिए बैठ सकें वो भी एक समय पर उनका जब मन होगा पढ़ने जब मन नहीं करेगा पढ़ने से दिल चुराएंगे, तो ऐसे में आप खुद ही उनके पढ़ने के लिए समय तय करें और उस वक्त का पालन कराएं।

 

11. अनुशासन का रखें ख्याल

बच्चों को पढ़ाते वक्त सिर्फ किताब ही नहीं बल्कि नैतिक आदतों पर भी ध्यान दे और ये सब के साथ ही उन्हें सदा अनुशासित रहना भी सिखाएं।

 

12. बच्चे की गलतियां सुधारे

स्कूल से आने के बाद उनके साथ बैठें और उनके स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानने की प्रयास करें।
समय-समय पर उनके होम-वर्क की कॉपी को देखा करें और उनमें होने वाली गलतियों में सुधर कराएं।

 

13. सफलता और विफलता में अंतर को बताएं

अपने बच्चों को सफलता के राज बताएं और साथ ही यह भी समझाएं की विफलता से नहीं दरें बल्कि विफलता से सिखने को कहें। इस स्थिति में बच्चों को हताश ना होने अलावा उनका हौसला कायम रखने के लिए बोल सकतें हैं।

 

14. बच्चे को डांटने से बचे

पढ़ाते वक्त बच्चों को डांटे नहीं बल्कि उनके गलतियों को नोट करें और पुनः समझाने के बाद फिर से प्रश्नों को हल करने को दें।

 

15. नए-नए बाते बताएं

अपने बच्चों को नए-नए चीजों के बारे में बताएं जो की बिना वजह के भी हो सकता है। और उनके पसंद की चीजों को जानने की कोशिश करें और उसी से जुडी हुई बातें को बताएं। और उसके बारे में प्रश्नों को जानने की प्रयास करें।

 

16. बच्चों को पढ़ने के लिए उत्साहित करे

उनसे कोई कविता या कहानी कहने को कहें अगर ऐसा न करते हों तो उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। और अपने बच्चों को आपस में कविता या कहानियां सुनने और सुनाने को कहें। इस तरह मनोरंजन के साथ-साथ पढ़ाई भी हो जायेगा।

 

17. बच्चों के पसंद के विषय पूछें

सभी बच्चे की पसंद एक जैसा तो हो नहीं सकता है ऐसे में उनसे ही पूछे की उनका मन कौन सा विषय में ज्यादा लगता है, और उनकी पसंद के अनुसार विषयों में आप भी रुची लें और उन्हें ये बताएं की इस विषय में किस तरह के चींजे होते हैं और क्या पढ़ना है।

 

18. मार्क्स का दबाव ना बनाएं

ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को यह सोचकर पढ़ाते हैं ताकि उनकी नम्बर ज्यादा आए लेकिन ये बहुत बड़ा गलत आदत है इसीलिए बच्चों पर अभी मार्क्स का दबाव ना बनाएं।

 

19. बच्चों के मनोरंजन का रखें ख्याल

पढ़ाई के साथ उनके मनोरंजन का भी ख्याल रखें छुट्टियों वाले दिनों में अपने आस-पास घुमाने ले जा सकते हैं। और साथ ही ऐसे जगह जाए जहाँ इतिहास जुड़ी हो और उसके बारे में चर्चा करें। इससे बच्चे प्रायोगिक तरीके से किसी भी चीज को सीख पायेंगे और लम्बे समय तक भुलाएंगे नही।

 

20. खेलने से न रोकें

छोटे बच्चों को कभी खेलने से नहीं रोकें बल्कि उन्हें समय के अनुसार खेलने भी दें और अपने आस परोस के बच्चों के साथ मिलने दे ऐसा करने से बच्चा दुनिया के बारे में भी सिख पाएंगे। ऐसे भी बच्चे अभी नहीं तो कब खेलेंगे। इसलिए बच्चों को खेलने से ना रोकें।

21. बच्चों को समय का महत्व बताएं

छोटे बच्चों को पढ़ाई के दौरान समय का भी महत्व को बताएं जिससे बच्चें समय पर अपना पढ़ाई कर सके। मैं तो कहता हूँ की पढ़ाई में सबसे ज्यादा योगदान समय की ही होती है।

 

22. किताब पढ़ना सिखाएं

जब बात बच्चों की पढ़ाने की हो तो उन्हे किताबें पढ़ना जरूरी सिखाएं। ज्यादातर मामलों में यह देखा जाता है की बच्चे को किताबें पढ़ना नही आता है और वे क्लास में भी बढ़ोतरी करते रहते हैं। लेकिन आप भी यह सवाल कर सकते हैं की किताबें बच्चों को कैसे पढ़ाएं? इसके लिए तरीके बताएं गए जिन्हे आप देख सकते हैं।

Best Tips: छोटे बच्चों को हिंदी पढ़ना कैसे सिखाएं? 2 दिन में सीख जाएंगे बच्चे हिंदी पढ़ना

 

23. महत्वपूर्ण बिन्दुओं को बताएं

जैसा की आप जानतें हैं की बच्चों को एक हद तक ही कुछ सिखाया जा सकता है इसलिए छोटे बच्चों को उनके लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण टॉपिक को बताएं। बच्चों को कैसे पढ़ाएं? यह जानने के साथ इसे पालन करने की भी बेहद आवश्यकता है।

 

24. टेस्ट जरूर लें

अगर बच्चों को सही मायने में पढ़ाना का मतलब जानना हो तो यह बात अच्छी से समझ लें, जब भी आप बच्चों को पढ़ा रहे हो तो बीच बीच में उनका टेस्ट लेते रहें ताकि आपको यह पता चल पाए की आपके द्वारा पढ़ाई गई चींजे उन्हे समझ में आ रही है।

 

25. बच्चों को नैतिकता सिखाए

बच्चों को पढ़ाई के साथ नैतिक ज्ञान भी देते रहें यह एक पढ़ने वाले बच्चों के लिए बहुत ही आवश्यक होती है। जिससे वे अपने कर्तव्यों को समझकर उसे करने के लिए तात्पर्य बन सके।

आपने जाना की बच्चों को कैसे पढ़ाएं? जिसके बारे में कुल 25 उपाय बताए गए हैं जो काफी उपयोगी है।

 

निष्कर्ष: छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं?

छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने के लिए कुल 25 तरीके बताएं गए हैं जो बच्चें को पढ़ने के लिए बेहद सहायक टॉपिक है। इस विधि से बच्चों को आसानी से पढ़ाया जा सकता है। छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? और बच्चों को पढ़ाने के आसान तरीके बताएं गए जिसका आप अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें। इसके आलावा किसी भी प्रकार की कोई प्रश्न या सुझाव है तो हमें जरूर बताएं हमे आपके प्रश्नों को हल करने में खुशी होगी।

1 thought on “छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएं? बच्चों को पढ़ाने की 25 नए तरीके 2024”

Leave a Comment